नई दिल्ली: पीएम मोदी–पुतिन वार्ता में व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग पर बड़े समझौते

New Delhi: Major agreements on trade, energy and strategic cooperation reached during PM Modi-Putin talks.

नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर हैं और अपनी यात्रा के दूसरे दिन उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापक मुद्दों पर वार्ता की। दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य, शिपिंग, टैक्सेशन और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते हुए। प्रेस को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को छोटे न्यूक्लियर रिएक्टर टेक्नोलॉजी की पेशकश भी की और बिना रुकावट तेल सप्लाई जारी रखने का भरोसा दिया।

भारत–रूस के बीच कई अहम समझौते
वार्ता के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े दस्तावेजों का आदान–प्रदान किया।

  • स्वास्थ्य, शिपिंग और टैक्सेशन पर समझौते
  • छोटे मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टर तकनीक का रूसी प्रस्ताव
  • ऊर्जा आपूर्ति न रुकने देने का आश्वासन

पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में पिछले वर्ष 12% की वृद्धि दर्ज की गई और यह इस वर्ष भी मजबूत स्थिति में रहने का अनुमान है।

श्रम और माइग्रेशन मुद्दों पर भी सहमति
बैठक में नागरिकों की अस्थायी श्रम गतिविधियों और माइग्रेशन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। पुतिन ने कहा कि पीएम मोदी के साथ उनकी निजी बातचीत द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने में सहायक रही है।

उन्होंने बताया कि भारत और रूस इंटरनेशनल नॉर्थ–साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर को बड़े व्यापारिक अवसर में बदलने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और नए प्रस्ताव
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस भारत को ईंधन की निरंतर आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि कुडनकुलम में भारत का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है—

  • 6 में से 2 रिएक्टर पहले ही ग्रिड से जुड़े
  • 4 और निर्माणाधीन
  • संयंत्र के पूर्ण संचालन से भारत की ऊर्जा आपूर्ति को बड़ी मजबूती मिलेगी

इसके साथ ही उन्होंने फ्लोटिंग न्यूक्लियर प्लांट, दवाई और कृषि क्षेत्र में टेक्नोलॉजी सहयोग जैसे प्रस्ताव भी रखे।

PM मोदी ने चुनौतियों की लिस्ट सौंपी
राष्ट्रपति पुतिन ने बताया कि पीएम मोदी ने दोनों सरकारों के लिए चुनौतियों की सूची साझा की है, जिन पर दोनों पक्ष मिलकर काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत और रूस धीरे–धीरे द्विपक्षीय भुगतान के लिए राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग की दिशा में बढ़ रहे हैं—जिसमें 96% वाणिज्यिक भुगतान पहले ही इसी व्यवस्था में होने लगे हैं।

भारत–रूस की दोस्ती ‘ध्रुवतारे’ जैसी: पीएम मोदी
द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत–रूस मित्रता समय की हर कसौटी पर खरी उतरी है और “ध्रुवतारे” की तरह स्थिर बनी रही है।

पीएम मोदी ने कहा—

  • पुतिन का नेतृत्व भारत–रूस संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले गया
  • दोनों देशों ने 2030 तक का इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्रोग्राम तय किया
  • कृषि, उर्वरक, जहाज निर्माण, आर्कटिक प्रशिक्षण और ऊर्जा सुरक्षा पर सहयोग बढ़ेगा
  • महत्वपूर्ण खनिजों में साझेदारी से स्वच्छ ऊर्जा और उच्च तकनीक क्षेत्रों में फायदा होगा

उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत–रूस की एकजुटता पर भी जोर दिया।

यूक्रेन मुद्दे और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों का समर्थन करता है।
दोनों नेताओं ने वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत–रूस के बीच हुए ये समझौते और रणनीतिक घोषणाएँ आने वाले वर्षों में दोनों देशों की साझेदारी को और गहरी करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।

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